मां तू जानती है कि नहीं आज भी मुझे अंधेरे से डर लगता है तेरा हाथ पकड़ कर सोने को मेरा मां तू जानती है कि नहीं आज भी मुझे अंधेरे से डर लगता है तेरा हाथ पकड़ कर सोने...
वो कहती थी, कोई किसी के बगैर मरता नहीं है, वो कहती थी, कोई किसी के बगैर मरता नहीं है,
उम्र गुजर जाती है रिश्ते संभलते नहीं, रिश्तों के बगैर लोग चलते नहीं। उम्र गुजर जाती है रिश्ते संभलते नहीं, रिश्तों के बगैर लोग चलते नहीं।
जिसे चाहा हो तुमने उसके चले जाने के बाद हर जगह उसी को ढूंढना मगर कही भी उसका पूरी तरह से एक जगह न मि... जिसे चाहा हो तुमने उसके चले जाने के बाद हर जगह उसी को ढूंढना मगर कही भी उसका पूर...
दिल ये पागल कहता है के दिन में तारे गिन, जून की धूप ना जाने कहता है सारे गिन। ना दिल ये पागल कहता है के दिन में तारे गिन, जून की धूप ना जाने कहता है सार...
लाज शर्म को छोड़। लाज शर्म को छोड़।